Posts

Showing posts from January, 2026

Sasur Ne Car Me Pela

Mera naam ruhi hai aur mai ek housewife hu, maine bachpan se kabhi sex nahi kiya aur pehle sex sirf apne pati ke saath kiya. Magar usme bhi mujhe santhusti nahi mili, tab bhi maine koi complain apne pati se nahin kiya. Ab apko jyada bor bor na karte hue apni sex story start karti hu Pehle mai apne baare me bata du, mera naam to apko pata chal gaya hoga, mai apne pati ke saath rehti hu delhi me aur mere pati Dubai me business karte hai. Mere sasur bhi hai jo army se retired hai aur wo humare saath hi rehte hai, mere pati pehle yehi business karte the fir unhone ne socha ki bahar jakar business karne ka. To unhone Dubai me jakar business open kiya aur chal pada aur yaha ka business sasurji sambhalte hai aur paiso ki koi kami nahi.Din bhar mai akele ghar me rehti hu. Jab mai nayi nayi iss ghar me aayi to mujhe daar lag raha tha magar kuch din baad sab normal ho gaya aur mere pati shaadi ke kuch din baad wapas chale gaye aur uske baad mai akeli ho gayi. Din bhar ghar ke kaam me aur tv dekh...

मां के साथ ट्रेन का यादगार सफर -3

तो पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैंने अपने पापा को काल लगा दी थी। तो मां अपने कपड़े उतारने लगी और मुझसे काल कट करने को बोलने लगी। मैं: पहले उतारो तभी ही कट होगी। मां ने इतना सुनते ही अपनी नाईटी उतारी और साइड में फेंक दी। उनके दोनों चूचे और चोड़ी गांड को काले रंग की ब्रा-पेंटी में देख कर मेरा 8 इंच लम्बा लंड झटके लेने लगा। तब तक पापा ने फोन उठाया और बोले- डैड: हां बेटा बोलो (इस पर मां ने मुझे हाथ जोड़ कर बताने को मना किया)। मैंने बात बदलते हुए कहां- मैं: हैलो डैड, हम सोने जा रहे है। तो आप टेंशन‌ ना लेना ( मैंने मां को इशारा करते हुए सारे कपड़े उतार कर झुकने को कहा)। डैड: ठीक है बेटा। पर फिर से मां इशारे से ही मिन्नतें करने लगी। इस पर मैंने कहां- मैं: डैड आपको कुछ बताना था (मैंने उन्हें आंखें दिखाते हुए)। डैड: हां बोलो बेटा, क्या कहना है? इतने में ही मां ने जल्दी से अपनी ब्रा-पेंटी उतार कर फेंकी और झुक गयी। उनकी बिना बालों की गोरी चूत और झुकने पर उनकी चौड़ी और गोल गांड को देख कर मेरा लंड पहली से ज्यादा अकड़ गया। मैंने जल्दी से डैड को बोला- मैं: वहीं पहुंच कर ही बताता हूं डैड, गुडनाईट। डैड:...

मां के साथ ट्रेन का यादगार सफर - 2

जैसे मैंने पिछले पार्ट में बताया जब हम स्टेशन पहुंचे और अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, वहीं हमारी साइड में एक 27-28 साल का लड़का और लगभग 35 साल की महिला अपने 3 साल के बच्चे के साथ बैठी थी। बस यही वो जगह थी जहां से मैं और मेरी जिंदगी बदल गयी। पिछले भाग में आपके कमेंट बहुत कम थे। तो हमें कमेंट करें।‌ अब आगे- साइड बेंच पर बैठा लड़का मेरी मां को बार-बार घूर रहा था। तो कभी दोनों की नज़र मिल रही थी। मैं ये सब चुप-चाप देख रहा था। मुझे उस लड़के पर थोड़ा गुस्सा आने लगा, क्योंकि वो मेरी मां को ग़लत नज़र से देख रहा था। मोबाइल चलाने के बहाने से कभी मां की छाती, तो कभी होंठों के देख कर अपने होंठों पर जीभ फिराता। मम्मी भी शायद ये सब नोटिस कर रही थी, और वो भी उसे बीच में देख रही थी। तभी वो लड़का मां के थोड़े पास आया और बोला- लडका: हैलो आंटी। मां: हैलो। लडका: ये दिल्ली से होकर जो ट्रेन जम्मू जाती है, वो कब तक आयेगी? मां: हम भी उसी का इंतजार कर रहे हैं। 15 मिनट में आती होगी। लड़का: अच्छा, वैसे आप भी दिल्ली जा रहे हो? मां: नहीं, हम जम्मू जायेंगे, आप दिल्ली जाओगे? लड़का: जी आंटी। और मम्मी की आंखों में आ...

मां के साथ ट्रेन का यादगार सफर - 1

हैलो दोस्तों, मेरा नाम राकेश कुमार और मेरा परिवार मुम्बई महाराष्ट्र के एक गांव में रहता है। मैं कालेज में पढ़ता हूं। मेरी उम्र 22 साल, हाईट 5’11” है। मेरा रंग गेहुंआ, और शरीर तगड़ा तो नहीं पर मेरे पतले शरीर पर मेरा लंड 8.5 इंच लम्बा व 3.5 इंच मोटा बहुत बड़ा दिखाई देता है। मेरी एक गर्लफ्रेंड ऋतु भी है। वो मुझसे 2 साल बड़ी और बहुत हाट है। शायद मुझसे इतनी जबरदस्त चुदाई की वजह से उसके चूचे और गांड एक-दम चौड़ी नयी-नयी भाभी की तरह हो गये है। उसका फिगर 35-28-36 होगा, जिसे मैं महीने में एक या दो बार ही चोद पाता हूं। पर जब भी उसे चोदता, तो उसे कितने दिन चलने में भी तकलीफ़ होती थी। क्योंकि मेरा लंड लम्बा और ज्यादा मोटा है, जिसे लेने में एक बार को शादी-शुदा औरतों को भी दर्द हो जाये। और ऊपर से मैं कभी-कभी सेक्स पावर की गोली भी खाकर उसे चोदता था, जिससे मेरा लंड और बड़ा और सख्त हो जाता था। तो अब मैं सीधा कहानी पर आता हूं। मेरे घर में हम चार लोग रहते है। मैं, मम्मी सरिता (उम्र 42 साल) और उनका फिगर 38-32-40 होगा। चूची और गांड एक-दम कसी हुई, कहीं भी एक्स्ट्रा फेट नहीं। वो ज्यादातर घर या बाहर जाने के वक...

पार्टी के चक्कर में हुआ मेरा गैंगबैंग

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम श्वेता है। मैं पटना में अपने पति के साथ रहती हूं। मेरे पति को जॉब के सिलसिले मैं ज्यादातर समय बाहर रहना पड़ता है। घर पर मुझे अधिकतर अकेले ही रहना पड़ता है। एक दिन मेरी सहेली पूजा मुझसे मिलने घर आई। उसने मुझे पार्टी मैं साथ चलने के लिए कहा। वह कहने लगी: दिन भर घर पर अकेली रहती हो। घर पर बोर हो जाती होगी। मेरे साथ पार्टी में चल। मैं भी उसके साथ पार्टी में जाने के लिए मान गई। उसने शाम को पार्टी में आने के लिए कहा। शाम को रेडी हो कर मैं समय से पार्टी में पहुंच गई। पार्टी में अच्छे से एंजॉय करने लगे। तभी दो आदमी हमारे पास आकर हमें डांस के लिए बोलने लगे। हमने भी डांस के लिए हां कर दी और उनके साथ डांस करने लगे। थोड़ी देर बाद थक कर हम आराम करने लगे। इतने में मेरी फ्रेंड पूजा को फोन आया। पूजा ने मुझसे कहा कि उसे अर्जेंट काम से जाना पड़ेगा, और फिर वह पार्टी से निकल गई। तभी वह दो आदमी जो हमारे साथ नाच रहे थे, मेरे लिए ड्रिंक लेकर आए। वैसे मैंने बहुत पहले पीनी छोड़ दी थी, लेकिन उनकी रिक्वेस्ट पर मैंने पी ली। ड्रिंक पीते ही मुझे नशा होने लगा। फिर वह वापस आए और मुझे डांस के लि...