माँ को शौक़ चुदाई का

    BY ROHAN

 हमारे परिवार में धन की कोई कमी नहीं है. पिताजी ज्यादातर काम के सिलसिले में कनाडा में रहते हैं. दो महीनों में सिर्फ एक ही बार घर आते हैं.


आगे बढ़ने से पहले मैं आपको मेरी मॉम के बारे में बता देता हूँ. मेरी मॉम अपने शरीर का बहुत अच्छी तरह से ख्याल रखती हैं.


उनकी फिगर का तो क्या कहना … मानो भगवान ने उन्हें बड़ी ही फुरसत में गढ़ा था. मेरी मॉम की हाईट 5 फिट 5 इंच है. वो शरीर से प्लस साइज की हैं, मतलब भरी हुई फिगर है. उनके स्तन 38 इंच के हैं, वो डबल-डी नाप की ब्रा पहनती हैं. उनकी कमर 32 की और गांड 42 की है.


पहले तो मेरे, मॉम के बारे में कोई गलत ख्याल नहीं थे. मेरी मॉम अक्सर उनकी सहेली यानि मेरे दोस्त (सुब्रोत) की मॉम (सुनीता) के साथ पार्टियों में जाती रहती थीं.


एक दिन की बात है, उस दिन ने मानो मेरी जिंदगी ही बदल दी थी.


दोपहर का समय था, हम खाना खाकर टीवी देख रहे थे कि तभी मॉम को सुनीता आंटी का कॉल आया.

उन दोनों में क्या बातचीत हुई, ये तो पता नहीं चला.


लेकिन इतना समझ आ गया था कि उन दोनों का आज फिर से किसी पार्टी में जाने का प्लान बन रहा था, ये मुझे पक्का हो गया था.

क्योंकि जब भी मॉम का पार्टी में जाना होता है, उस दिन मॉम बहुत खुश होती थीं.


उस दिन आंटी के फोन के बाद मॉम बहुत खुश दिखने लगी थीं.


मेरा भी अभी अभी दाखिला होने की वजह से मुझे कॉलेज का कोई ज्यादा होम वर्क नहीं था.

वैसे शुरू शुरू में मैं कॉलेज जाता ही नहीं था. वैसे भी मैं दिन भर घर पर रहकर ज्यादा बोर हो रहा था.


मेरे भी मन में ख्याल आया कि क्यों न मैं भी आज इन दोनों के साथ पार्टी में जाऊं.


ऐसे ही ख्यालों ख्यालों में शाम हो गयी.


मॉम बोलीं- मैं नहा लेती हूँ, सुनीता आती ही होगी.


मॉम नहाने चली गईं.


तभी थोड़ी देर बाद ही सुनीता आंटी घर पर आईं और मॉम और आंटी तैयार होकर पार्टी में जाने लगीं.

मैंने भी मॉम से कहा कि मैं भी आज आप लोगों के साथ पार्टी में चलूंगा.

लेकिन मॉम मना करने लगीं.


जब मैंने ज्यादा फोर्स किया, तो सुनीता आंटी बोलीं- ओके रोहन को भी अपने साथ चलने दे न! वो भी अभी बड़ा हो गया है … और वैसे भी उसकी कुछ नहीं पता चलने वाला. मैं हूँ न … ले चल इसे भी.


आंटी ने ये बार मेरी मॉम से धीरे से लगी थी मगर मैंने सुन ली थी.

हालांकि मुझे उनकी बात पल्ले नहीं पड़ी थी.


फिर सुनीता आंटी के कहने पर मॉम मान गईं.

मुझे अपने साथ ले जाने के लिए मैंने आंटी का शुक्रिया किया.


इस पर आंटी ने मुझे मेरे होंठों पर किस करके मुझे ‘वेलकम ..’ बोला.


मुझे इस उम्र में पहली बार किसी महिला के द्वारा होंठों पर चूमे जाने से एक अजीब सी सनसनी हुई.

मगर मैंने कुछ भी रिएक्ट नहीं किया.


अब हम सभी कार में बैठ कर पार्टी के लिए चल दिए.


सुनीता आंटी कार चला रही थीं और मॉम उनके साथ ही आगे बैठ गईं.


मैं अकेला पीछे बैठ कर उन दोनों को घूर रहा था. मैं आज बहुत खुश था.


हम लोग पार्टी में पहुंच गए.


जैसे ही हम लोग पार्टी में पहुंचे, मॉम और आंटी नाचने चली गईं. मैं वहीं बाजू में बैठ कर उनको मस्ती करते देख रहा था.


वो दोनों क्या गजब की माल लग रही थीं.


मॉम के तो क्या कहने थे, हर कोई सिर्फ मॉम को ही घूर रहा था. मुझे तो ऐसा मन कर रहा था कि अभी मॉम के साथ डांस करके उनको किस कर लूं.

पर मैंने सोचा अगर मैंने ऐसा किया, तो मॉम मुझे डांटेंगी और आइंदा मुझे कभी पार्टी में नहीं लेकर आएंगी.

हो सकता है कि वो मेरी शिकायत पापा से भी कर दें.


तो मैं वहां पर वैसे ही अपना मन मार के सिर्फ उन दोनों को देखने लगा.


तभी वहां पर दो लड़के आ गए और उन दोनों ने मॉम और आंटी से चिपक कर डांस करना शुरू कर दिया.


वो नाचते समय मॉम और आंटी के मम्मों को दबा रहे थे और उनकी गांड में उंगली कर रहे थे.


मुझे उन्हें यह कर देख कर बड़ा गुस्सा आया.

इससे ज्यादा तो मॉम पर बहुत गुस्सा आया कि वो लड़के ये सब कर रहे थे और मॉम उनको कुछ नहीं बोल रही थीं, बल्कि उन्हें ऐसा करने के लिए हंस हंस कर और उकसा रही थीं.


थोड़ी ही देर के बाद मॉम और आंटी उन लड़कों को लेकर अन्दर चली गईं.


अब मुझे थोड़ा शक हो रहा था. इसलिए मैं भी चुपके से उनके पीछे चला गया.


वो चारों एक कमरे में चले गए और कमरे का दरवाजा अन्दर से बंद कर लिया.


मैं थोड़ी देर सोचने के बाद उस कमरे के नजदीक चला गया.

लेकिन दरवाजा बंद होने की वजह से मुझे कुछ भी नहीं दिख रहा था.

मैंने दरवाजे से कान लगाए तो बस हल्की आवाज में सिसकारियों की आवाजें आ रही थीं.


थोड़ी ही देर बाद आंटी बाहर आ गईं और मुझे कमरे के बाहर देख कर चौंक गईं.


आंटी मुझसे कहने लगीं- तुम यहां पर क्या कर रहे हो?

मैंने उनसे पूछा- आप लोग उन लड़कों के साथ अन्दर क्या कर रही हो?


आंटी एकदम से चुप हो गईं.


मैंने फिर से सवाल दागा- मुझे भी अन्दर आना है.

इस पर उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया और मेरे पास में बैठ कर मेरा सर अपने सीने से लगाकर मुझे बाहर जाने को कहा.


आंटी बोलीं- हम लोग जरा बातचीत कर रहे हैं. अभी तुम हॉल में जाओ … हम लोग कुछ देर में आ जाएंगे.


तभी कमरे से एक लड़का बाहर आकर आंटी को बुलाने लगा- चल साली, तू इधर क्या कर रही है, तेरी सहेली अन्दर मस्त चुदाई करवा रही है और तू यहां बाहर बकरचोदी में लगी है, चल साली तू भी आ जा, मैं आज तेरी गांड का भुर्ता बना देता हूँ.


यह कहकर वो आंटी का हाथ पकड़ कर अन्दर ले गया.

लेकिन इस बार वो दरवाजा को बंद करना शायद भूल गए थे.


उनकी चुदाई की बातें सुनकर मेरा तो लौड़ा पैंट के अन्दर से सलामी देने लगा था.


कुछ ही समय बाद मैं भी उनके पीछे अन्दर चला गया.


अन्दर जाते ही मेरी आखें फटी की फटी रह गईं. मेरी मॉम एकदम नंगी होकर अपनी चुत मरवा रही थीं और आंटी उस लड़के का लंड चूस रही थीं.


मैंने समय ना गंवाते हुए अपना सेल फोन निकाला और उनका एक छोटा सा क्लिप बना डाला.


मुझे तो वैसे मॉम पर बहुत गुस्सा आ रहा था कि साली मुझे कभी कुछ नहीं दिखाती और इन लौंडों के सामने अपनी पूरी दुकान खोल कर चुदवा रही है.


तभी उसी समय मॉम के ऊपर जो लड़का था, उसके लंड का माल निकलने वाला था.


वो तेज स्वर में कह रहा था- साली मेरा निकलने वाला है … जल्दी से अपना मुँह खोल.


मेरी मॉम ने मुँह खोल कर उस लड़के का लंड मुँह में ले लिया और उसका सारा माल निगल लिया.


उस समय आंटी दूसरे लड़के से अपनी गांड मरवा रही थीं.


तभी मॉम ने मुझे देख लिया और वो अपने बदन को ढकने लगीं.

मुझे तो ऐसा लग रहा था कि साली को अभी चोद डालूं, पर मन में ख्याल आया कि सब्र का फल मीठा होता है.

मैंने सोचा कि उनकी क्लिप तो मेरे पास तो है ही, कहां जाएगी साली.


मैं वहां से बाहर चल दिया.


आंटी अपनी गांड मरवाने में मस्त थीं, वो तो जोर जोर की आवाजें निकाल रही थीं- आआआ … हुहुहूँ …


मैं बाहर आकर सीधा कार में बैठ गया.

तभी पीछे से मॉम आ गईं और कार के अन्दर आ गईं.


वो मुझसे माफी मांगने लगीं- बेटा, मुझे माफ कर देना, मैं बहक गयी थी.

मगर मैं कहां मानने वाला था. मैं तो ऐसे ही चुप बैठा रहा.


फिर मैंने मॉम से कहा- आप ये सब क्यों कर रही थीं. अगर पापा को पता चला तो आपका क्या होगा!

मॉम बोलीं- मुझे तुम्हारे पापा की कमी खलती है, इसलिए ऐसा हो गया.

मैंने कहा- तो आप मुझसे भी तो कह सकती थीं!


मेरी मॉम ये सुनकर मेरी तरफ ऐसे देखने लगीं जैसे उन्हें मेरी बात समझ ही न आई हो.


मैंने मौके का फायदा उठाने की सोची और उनसे कहा- मुझे भी आपके साथ सेक्स करना है, मेरा भी सेक्स करने को बहुत मन करता है.

ये सुनकर मॉम ने लम्बी सांस भरते हुए कहा- देख बेटा, हम दोनों के बीच ये सब गलत होगा. मैं तेरी मॉम हूँ.


लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैंने भी कहा- मुझे कुछ नहीं पता, अब आप ही सोच लो कि क्या करना है.

कुछ देर तक वो मेरी ओर देखती रहीं.


तो मैंने कहा- जब अन्धेरा हो जाता है तो चुत और लंड का एक ही रिश्ता होता है, उन दोनों को मॉम बेटा, बहन भाई कुछ नहीं समझ आता है. आपको न मालूम हो, तो मैं आपको नेट पर बहुत कुछ दिखा सकता हूँ.


मेरी बात सुनकर मॉम एकदम से चुप हो गयी थीं. उन्होंने मुझे कोई जवाब नहीं दिया.


तभी मैंने मॉम से कहा- पापा को भी कुछ नहीं पता चलेगा, आप मुझ पर भरोसा कर सकती हो.

मॉम कुछ सोचने लगीं.


तो मैं उनके पास सरक गया और उनके होंठों पर होंठ रख दिए.


एक मिनट बाद मॉम ने मेरे चुम्बन का जवाब देना शुरू कर दिया.

मैंने उनके मम्मों को पकड़ लिया. उनके होंठों पर किस करते मैं उनके 38 इंच के मम्मों को पूरी मस्ती से दबाए जा रहा था.


हम दोनों मॉम बेटे मस्ती से एक दूसरे के होंठों का रस पीने लगे थे. मॉम भी मेरा साथ देने लगी थीं.


मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मॉम इतनी आसानी से मान जाएंगी. पर देर आए दुरुस्त आए वाली उक्ति याद करके मैं मॉम के साथ मजा लेता रहा.


अब मॉम का हाथ मेरे लंड पर पहुंच चुका था.

मेरा लंड पहले से ही चुदाई देख कर तना हुआ था. लेकिन आज मेरा लंड ज्यादा ही जोश में आ गया था. बहुत ही दमदार तरीके से उठा हुआ था.


मॉम मेरे लंड को सहलाने लगीं.


मैंने उनको कार की सीट पर लिटा दिया. उनको पता था कि उनका बेटा जहां से बाहर निकला है, आज वो वहीं पर अपना लंड डालने के जोश में है.

मैं भी ये सोच रहा था कि अभी मॉम गर्म है एक बार चुदाई कर लूं, घर जाकर सीन न बदल जाए.


ये सोच कर मैंने पहले तो मैंने कार अंडरग्राउंड पार्किंग में एक अँधेरे से कोने में लगायी.


अब सुरक्षित जगह मान कर मैंने मॉम का वन पीस ड्रेस निकाला. आह आज मेरी मॉम पहली बार मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैन्टी में थीं.

वैसे तो यह मेरा पहली बार था … मगर मैं सैकड़ों ब्लू-फिल्म देख चुका था.


फिर मॉम ने मेरे कपड़े निकाल दिए. मैं मैंने भी उनकी ब्रा और पैंटी उतार दी. आआह … क्या कयामत माल लग रही थीं मेरी मॉम … मानो कोई अप्सरा नंगी लेटी हो.


फिर जैसे ही उन्होंने अपनी टांगों को फैलाया, मैंने देखा की मॉम की चुत एकदम क्लीन थी.

वैसे मॉम वैक्सिंग तो करती ही थीं, पर अपनी चुत की भी सफाई कर लेती थीं, ये आज मुझे पहली बार पता चला.


मैंने देर ना करते हुए उनकी चुत में अपना मुँह लगा दिया और उनकी चुत चाटने लगा.


वैसे तो थोड़ी देर पहले हुई चुदाई के कारण उनकी चुत अभी तक गीली ही थी.


मेरे चुत चाटने से अब मॉम मदहोश होने लगी थीं, उनके मुँह से मादक सिसकारियाँ निकल रही थीं- उह … आह … चाट ले!

मैं भी उनकी चुत मस्ती से चाटे जा रहा था.


फिर मैंने चुत चाटना छोड़ा, तो उन्होंने मेरा लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.

मॉम मेरे लंड को ऐसे चूस रही थीं मानो वो लंड को किसी कुल्फी की तरह चूस रही हों.


मुझसे अब सब्र नहीं हो रहा था. मैंने उनसे अपना लंड चुत में लेने को कहा.


तो वो हंस पड़ीं और बोलीं- मेरे राजा बेटा को आज जरा भी सब्र नहीं हो रहा है, हां वो भी क्या करे … पहली बार जो कर रहा है.

ऐसा कहकर मॉम हंसने लगीं और बोलीं- ले डाल दे अपनी मॉम की चुत में अपना लंड.


ऐसा कह कर मॉम अपनी चुत खोल कर सीट पर लेट गईं.


मैंने अपना लंड मॉम के होल पर रखा और एक हल्का सा धक्का दिया. मॉम की चुत गीली होने की वजह से मेरा पूरा लंड मॉम की चुत में समा गया.

इसी के साथ उनकी एक चीख निकल पड़ी.


मॉम की वो चीख मुझे बहुत मदहोश कर रही थी.

मुझे लगने लगा था मानो मैं किसी जन्नत में आ गया हूँ.


अब मैंने हल्के हल्के से धक्के देना चालू किए.

वो कामुक सिसकारियां भर रही थीं- आह्ह आउच अरे वाह मेरा राजा बेटा तो बहुत अच्छी तरह से अपनी मॉम को चोद रहा है.


मॉम चुत चुदाई में मेरा पूरा साथ दे रही थीं.

हम दोनों कमर को हिला हिला कर चुदाई का मजा ले रहे थे.

मैं भी मस्त होकर उनकी चुत मार रहा था.


अब मेरी स्पीड बढ़ भी रही थी, मैं तेजी से मॉम की चुत चुदाई कर रहा था.

उनको चोदते चोदते मैं उनके मम्मों को मसल भी रहा था.


कुछ मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना पूरा वजन मॉम के ऊपर डाल दिया और मॉम को जकड़ लिया.


अभी मेरा वीर्य निकलने वाला था. मैंने मॉम को बिना बोले ही अपना पूरा वीर्य मॉम की चुत में डाल दिया.


मॉम मेरे गरम वीर्य को अपनी चुत में महसूस कर रही थीं.


मेरा हुआ ही था कि तभी मॉम भी झड़ गईं.

मैंने जैसे ही अपना लंड बाहर निकाला तो देखा कि मॉम की चुत से थोड़ा वीर्य बाहर भी आ रहा था.


इसी दौरान मैंने मॉम से कहा- सॉरी मॉम, ये मेरा पहली बार था इसलिए जल्दी हो गया, आगे आपको शिकायत का मौका नहीं मिलेगा.


मॉम ने मेरे माथे पर चूमते हुए कहा- कोई बात नहीं बेटा, मेरा भी हो गया है और मैं भी संतुष्ट हो गयी हूँ. तू उन पॉर्न वाली वीडियो के बारे में मत सोच कि वो इतनी देर तक चलते हैं, तो हमारा भी उतनी ही देर तक चलना चाहिये. ऐसी कोई बात नहीं होती बेटा, अगर स्त्री और पुरुष दोनों संतुष्ट होते हैं … तो समय कोई मायने नहीं रखता. और वैसे भी तेरा ये फर्स्ट टाइम होने के बावजूद हमारा सेक्स बहुत सुखद रहा.


इतना सुनते ही मैंने मॉम को लिपकिस किया और उनसे अलग हो गया.


मैंने मॉम को थैंक्स बोलकर उन्हें ‘आई लव यू मॉम …’ कहा और जोर से हग कर लिया.

मैं वैसे ही मॉम के ऊपर थोड़ी देर लेटा रहा.


थोड़ी देर बाद मॉम ने मेरा लंड अपने मुँह में लेकर पूरा साफ कर दिया और मुझे कपड़े पहना दिए.

वो खुद भी अपनी चुत को साफ करने लगीं.


उसी वक्त मॉम को सुनीता आंटी को कॉल आ गया.


वो बोल रही थीं- रजनी तू कहां पर है … चलो हमें अब चलना है और रोहन भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा है.

मॉम ने कहा- मैं और रोहन कार में बैठे तेरा ही इंतजार कर रहे हैं. तू जल्दी आ जा. कार पीछे के कोने में है.


ऐसा कहते ही मॉम ने फोन रख दिया.


मैंने मॉम को फिर से आई लव यू बोल कर जोर से हग करते हुए उन्हें किस करने लगा.

मॉम ने भी मुझे आई लव यू टू बोलकर किस करने लगीं.


थोड़ी ही देर मैं सुनीता आंटी आ गईं. वो बहुत खुश नजर आ रही थीं.


इस बार मॉम ने कहा- मैं रोहन के साथ पीछे बैठ जाती हूँ.

सुनीता आंटी ने ओके बोला और कार चलाने लगीं.

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